छत्तीसगढ़

पोलियो दिवस पर छत्तीसगढ़ में 21 से 23 दिसंबर तक विशेष पोलियो अभियान

Shantanu Roy
17 Dec 2025 11:03 PM IST
पोलियो दिवस पर छत्तीसगढ़ में 21 से 23 दिसंबर तक विशेष पोलियो अभियान
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छग
Raipur. रायपुर। पोलियो दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार 21 से 23 दिसंबर तक पल्स पोलियो अभियान का आयोजन करने जा रही है। अभियान के पहले दिन, 21 दिसंबर को प्रदेशभर में 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 22 और 23 दिसंबर को पोलियो की खुराक से छूटे हुए बच्चों को घर-घर जाकर कवर किया जाएगा, ताकि अभियान का पूर्ण लाभ सुनिश्चित हो सके। अभियान के सुचारु संचालन और तैयारी के लिए बुधवार को महानदी भवन, अटल नगर, नवा रायपुर में
राज्य स्तरीय
टीकाकरण टास्क फोर्स समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया ने की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पल्स पोलियो अभियान में कोई भी बच्चा छूटने न पाए। इसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार, घर-घर पहुंच, और संवेदनशील इलाकों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए। कटारिया ने कहा कि 21 दिसंबर को अभियान की सफलता पूरे कार्यक्रम की दिशा तय करेगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम वर्क, समन्वय और निगरानी तंत्र के सही क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिनमें डॉ. संजीव कुमार झा (संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं), डॉ. निर्मला यादव (संयुक्त संचालक, आरसीएच), डीएस मरावी (महिला एवं बाल विकास विभाग), बीएल देवांगन (लोक शिक्षण विभाग), निशा सिंह (यूएनडीपी), नितिन पाटिल सहित अन्य शामिल थे। सभी ने मिलकर 21 दिसंबर को अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में उप संचालक एवं राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वी. आर. भगत ने अभियान की संपूर्ण रूपरेखा समिति के समक्ष प्रस्तुत की। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग, बूथ व्यवस्था, मोबाइल और ट्रांजिट टीमें, निगरानी तंत्र सहित अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन दिनों तक चलेगा, ताकि पोलियो की खुराक से छूटे हुए बच्चों को भी पूरी तरह कवर किया जा सके। राज्य सरकार ने अभियान के दौरान सभी विभागों के अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया है। साथ ही, अभियान की सफलता के लिए जन-जागरूकता, प्रचार-प्रसार और घर-घर पहुंच अभियान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पल्स पोलियो अभियान का उद्देश्य केवल बच्चों को पोलियो की खुराक उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में पोलियो मुक्त प्रदेश बनाए रखना भी है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान समय पर और सही तरीके से चलाए जाने पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और पोलियो जैसी जानलेवा बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
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